जम्मू एवं कश्मीर राज्य के जम्मू अंचल की भाषाई संरचना एवं स्थानीय मांग को देखते हुए जम्मू केन्द्रीय विश्वविद्यालय में हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग की अगस्त 2015 में स्थापना हुई। इस विभाग को राष्ट्रभाषा हिन्दी और साहित्य के अध्ययन और शोध के साथ ही डोगरी और अन्य स्थानीय भाषाओं के अध्ययन का मुख्य केंद्र बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया। वर्तमान में विभाग माननीय कुलगुरु प्रो. संजीव जैन जी के दिशा निर्देशन में विकसोन्मुख है और नए आयामों को प्राप्त करने हेतु कटिबद्ध है। विभाग हिन्दी भाषा, साहित्य और अंतर-अनुशासनिक भारतीय भाषाओं एवं साहित्य के शिक्षण द्वारा भारतीय सभ्यता, संस्कृति, दर्शन तथा सामाजिक-राजनैतिक चुनौतियों से परिचित कराने के प्रति कटिबद्ध है। विभाग अद्यतन प्रविधियों का उपयोग करते हुए नवीन विषयों- रचनात्मक लेखन, पटकथा लेखन, पत्रकारिता, अनुवाद एवं प्रयोजनमूलक हिन्दी आदि रोजगारोन्मुखी शिक्षण के प्रति संकल्पबद्ध है। विभाग प्राचीन, मध्यकालीन, रीतिकालीन, आधुनिक साहित्य, विमर्श, भाषाविज्ञान, काव्यशास्त्र और तुलनात्मक अध्ययन आदि पर शोधकार्य के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रो. भारत भूषण
भाषा मानव सभ्यता की आत्मा के साथ-साथ मानवीय संवेदना, सामाजिक सद्भाव एवं सांस्कृतिक मूल्य की संवाहिका है। यह किसी भी समाज के लिए केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं, बल्कि उस समाज के लिए आत्मगौरव का प्रतीक भी है।
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प्रो. भारत भूषण
हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग, जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष के रूप में मुझे अतीव प्रसन्नता हो रही है कि हिंदी विभाग विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. संजीव जैन जी के नेतृत्व में दिन-प्रतिदिन विकास की ओर उन्मुख है।
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